साहित्यालोक
आवेगों संवेगों भावनाओं संवेदनाओं का संगम
शनिवार, 29 अक्टूबर 2011
कुछ हाइकु
मित्रों ! काफी समय के बाद आज कुछ लिखने का अवसर मिला देखिये ये हाइकु
१ बोझ अपार
जहाज रेगीस्तान
मालिक दीन |
२ हरा सागर
मीन अठखेलियाँ
पवित्र स्नान |
३ पाप हारती
सागरस्वरूपा माँ
ऋषि संगिनी |
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